top of page

'बिस्तर'

  • Writer: Gulzarish
    Gulzarish
  • Jul 11, 2020
  • 1 min read

चलो एक बिस्तर लगाते है साथ में, साथ में सोने के लिए

जाओ अलमारी में से एक नयी चादर लेकर आओ, वो वाली जिसपे अभी निशान है तुम्हारी सिलवटो के

मैं तब तक तकिये पे एहसासो की खोली चड़ा देता हू

फिर हम दोनो मिलके चादर बिछाएगे

तुम दो सिरे पकड़ना पैर की तरफ वाले, मैं सिर वाली पकडुगा एक

फिर सलीके से दबा देगे चादर को गद्दे के नीचे, ताकि बिस्तर पे कोई खिचाव ना दिखे, वो मेहक वाली मोमबत्ती भी लेते आना रख देगे उसे भी बिस्तर के पास वाली टेबल पे,

मैने तो जैस्मिन के फूल लेते आए है, तुम्हारे लिए, पसंद हैं ना तुम्हे? चलो एक बिस्तर लगते है, तेरी यादो के बिस्तर पे

चलो एक बिस्तर लगाते है साथ में सोने के लिए



 
 
 

Comments


Life is a journey between experiences and expressions.

bottom of page